ब्रेक-ईवन कैलकुलेटर: लागत निकालने के लिए कितने यूनिट बेचें
महीने की फ़िक्स्ड लागत, एक यूनिट का दाम और हर यूनिट की लागत डालें। नुकसान रुकने के लिए कितना बेचना होगा, दिखेगा।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
ब्रेक-ईवन पॉइंट
1,000यूनिट
- ब्रेक-ईवन बिक्री
- ₹2,50,000
- प्रति यूनिट योगदान
- ₹100.00
- कंट्रीब्यूशन मार्जिन
- 40%
हल देखें
- 100000 ÷ (250 − 150) = 1000.00
कैसे इस्तेमाल करें
- अवधि की फ़िक्स्ड लागत डालें: किराया, तनख़्वाह, EMI, सॉफ़्टवेयर।
- एक यूनिट का बिक्री मूल्य और वेरिएबल लागत डालें।
- तय मुनाफ़े के लिए यूनिट देखने को ‘और विकल्प’ में मुनाफ़ा डालें।
ज़रूरी जानकारी
ब्रेक-ईवन यूनिट = फ़िक्स्ड लागत ÷ (दाम − प्रति यूनिट वेरिएबल लागत)। दाम और वेरिएबल लागत का फ़र्क़ हर बिक्री का योगदान है। ₹1,00,000 फ़िक्स्ड लागत, ₹250 दाम और ₹150 वेरिएबल लागत पर हर बिक्री ₹100 देती है, यानी 1,000 यूनिट चाहिए।
रुपये में ब्रेक-ईवन बिक्री = यूनिट × दाम, या फ़िक्स्ड लागत ÷ कंट्रीब्यूशन मार्जिन अनुपात। तय मुनाफ़े के लिए उसे फ़िक्स्ड लागत में जोड़ें: (₹1,00,000 + ₹50,000) ÷ ₹100 = 1,500 यूनिट।
हर रकम एक ही अवधि की रखें (सब मासिक या सब सालाना) और GST के बिना दाम लें। अगर दाम वेरिएबल लागत से ज़्यादा नहीं है तो ब्रेक-ईवन कभी नहीं होगा, कैलकुलेटर यह बता देगा। यह प्लानिंग का अनुमान है, वित्तीय सलाह नहीं।
सवाल-जवाब
ब्रेक-ईवन पॉइंट क्या है?
बिक्री का वह स्तर जहाँ कुल आमदनी कुल लागत के बराबर हो: न मुनाफ़ा, न नुकसान।
फ़िक्स्ड लागत में क्या आता है?
जो ख़र्च बिक्री से नहीं बदलते: किराया, तनख़्वाह, लोन EMI, सब्सक्रिप्शन, बीमा।
वेरिएबल लागत क्या है?
हर यूनिट के साथ बढ़ने वाले ख़र्च: कच्चा माल, पैकिंग, डिलीवरी, पेमेंट गेटवे या मार्केटप्लेस फ़ीस।
ब्रेक-ईवन पॉइंट कैसे घटाएँ?
दाम बढ़ाएँ, प्रति यूनिट वेरिएबल लागत घटाएँ या फ़िक्स्ड लागत कम करें। प्रति यूनिट योगदान में छोटा बदलाव भी बड़ा असर करता है।
क्या सर्विस बिज़नेस में चलेगा?
हाँ। एक घंटा, एक क्लाइंट या एक ऑर्डर को “यूनिट” मानें।