इनकम टैक्स कैलकुलेटर FY 2026-27: पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था
अपनी सालाना सैलरी, दूसरी आमदनी और जो छूट आप लेते हैं वह डालें। दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स और कौन-सी सस्ती है, साथ दिखेगा।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
नई व्यवस्था में बचत
₹1,04,551
नई व्यवस्था- टैक्स, पुरानी व्यवस्था
- ₹2,02,051
- टैक्स, नई व्यवस्था
- ₹97,500
- टैक्सेबल आय, पुरानी
- ₹12,72,600
- टैक्सेबल आय, नई
- ₹14,25,000
FY 2026-27 के नियम, अनुमान। यह टैक्स सलाह नहीं है: रिटर्न भरने या निवेश से पहले CA से पूछें।
नई व्यवस्था: स्लैब टैक्स ₹93,750 − रिबेट ₹0 + सरचार्ज ₹0 + सेस ₹3,750। पुरानी व्यवस्था: स्लैब टैक्स ₹1,94,280 − रिबेट ₹0 + सरचार्ज ₹0 + सेस ₹7,771।
स्लैब-दर-स्लैब
| से | तक | पुरानी दर | पुराना टैक्स | नई दर | नया टैक्स |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹0 | ₹2,50,000 | 0% | ₹0 | 0% | ₹0 |
| ₹2,50,000 | ₹4,00,000 | 5% | ₹7,500 | 0% | ₹0 |
| ₹4,00,000 | ₹5,00,000 | 5% | ₹5,000 | 5% | ₹5,000 |
| ₹5,00,000 | ₹8,00,000 | 20% | ₹60,000 | 5% | ₹15,000 |
| ₹8,00,000 | ₹10,00,000 | 20% | ₹40,000 | 10% | ₹20,000 |
| ₹10,00,000 | ₹12,00,000 | 30% | ₹60,000 | 10% | ₹20,000 |
| ₹12,00,000 | ₹16,00,000 | 30% | ₹21,780 | 15% | ₹33,750 |
कैसे इस्तेमाल करें
- सालाना कुल सैलरी और ब्याज या किराये जैसी दूसरी आमदनी डालें।
- ‘पुरानी व्यवस्था की छूट’ में वही रकम डालें जो आप सच में क्लेम कर सकते हैं: 80C, हेल्थ इंश्योरेंस, होम लोन ब्याज वगैरह।
- दोनों टैक्स मिलाएँ। स्लैब टेबल खोलकर देखें कि हर स्लैब में कितना टैक्स बना।
ज़रूरी जानकारी
FY 2026-27 इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के तहत पहला “टैक्स ईयर” है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है। बजट 2026 में दरें नहीं बदलीं। नई व्यवस्था: ₹4 लाख तक शून्य, फिर हर ₹4 लाख पर 5%, 10%, 15%, 20%, 25% और ₹24 लाख से ऊपर 30%। पुरानी व्यवस्था: ₹2.5 लाख तक शून्य (60+ पर ₹3 लाख, 80+ पर ₹5 लाख), ₹5 लाख तक 5%, ₹10 लाख तक 20%, उससे ऊपर 30%।
नौकरीपेशा लोगों को नई व्यवस्था में ₹75,000 और पुरानी में ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। रिबेट (2025 एक्ट की धारा 156, पहले 87A) से नई व्यवस्था में ₹12 लाख और पुरानी में ₹5 लाख तक की टैक्सेबल आय पर टैक्स शून्य होता है; ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर मार्जिनल रिलीफ मिलता है। ₹50 लाख से ऊपर सरचार्ज (नई व्यवस्था में अधिकतम 25%) और हर रकम पर 4% सेस लगता है।
यह पेज सारी आमदनी को सामान्य स्लैब दर पर गिनता है। कैपिटल गेन, लॉटरी, खेती की आय जैसे ख़ास मामले शामिल नहीं हैं; शेयर या प्रॉपर्टी के मुनाफ़े के लिए कैपिटल गेन कैलकुलेटर देखें। दरें 27 अक्टूबर 2026 को incometaxindia.gov.in और बजट 2026 की जानकारी से जाँची गईं। इस कैलकुलेटर की CA जाँच बाक़ी है, इसलिए नतीजे को अनुमान मानें।
सवाल-जवाब
मेरे लिए कौन-सी व्यवस्था बेहतर है?
अगर आपकी छूट (80C, 80D, HRA, होम लोन ब्याज वगैरह) कम है तो आम तौर पर नई व्यवस्था सस्ती पड़ती है। छूट ज़्यादा हो तो पुरानी फ़ायदेमंद हो सकती है। अपनी असली रकम डालकर दोनों टैक्स मिलाएँ।
क्या FY 2026-27 में ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ़्री है?
नई व्यवस्था में हाँ, अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद टैक्सेबल आय ₹12 लाख या कम है। नौकरीपेशा के लिए यह लगभग ₹12.75 लाख सैलरी है। कैपिटल गेन जैसी ख़ास दर वाली आय अलग गिनी जाती है।
इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 से क्या बदला?
1 अप्रैल 2026 से नया एक्ट 1961 वाले एक्ट की जगह लेता है और “टैक्स ईयर” शब्द इस्तेमाल करता है। धाराओं के नंबर बदले (जैसे रिबेट अब धारा 156 है), पर FY 2026-27 की दरें वही रहीं।
क्या इसमें सरचार्ज और सेस शामिल है?
हाँ। 10%, 15%, 25% सरचार्ज (पुरानी व्यवस्था में ₹5 करोड़ से ऊपर 37%) मार्जिनल रिलीफ के साथ, और टैक्स व सरचार्ज पर 4% सेस।
क्या इस रकम से रिटर्न भर सकते हैं?
नहीं। यह प्लानिंग के लिए अनुमान है, टैक्स सलाह नहीं। फ़ॉर्म 16, AIS और CA से ही अंतिम रकम तय करें।