ब्रोकरेज कैलकुलेटर: STT, एक्सचेंज चार्ज और नेट P&L (NSE/BSE)

सेगमेंट चुनें, ख़रीद-बिक्री का दाम और मात्रा डालें, और अपने ब्रोकर का ब्रोकरेज सेट करें। हर चार्ज, नेट मुनाफ़ा और ब्रेकईवन के लिए कितने पॉइंट चाहिए, दिखेगा।

चार्ज के बाद नेट मुनाफ़ा

₹917.03

मुनाफ़ा
ग्रॉस P&L
₹1,000.00
कुल चार्ज
₹82.97
ब्रेकईवन के लिए पॉइंट
0.83
ब्रोकरेज
₹40.00
STT
₹25.25
एक्सचेंज चार्ज
₹6.17
SEBI फ़ीस
₹0.20
स्टांप ड्यूटी
₹3.00
GST
₹8.35

सीखने और प्लान करने के लिए अनुमान, निवेश सलाह नहीं। शेयर और F&O ट्रेडिंग में नुकसान का जोखिम है।

27 Oct 2026 तक की दरें। टर्नओवर ₹2,01,000। DP चार्ज शामिल नहीं।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. सेगमेंट (इंट्राडे, डिलीवरी, फ़्यूचर्स या ऑप्शंस) और एक्सचेंज चुनें।
  2. ख़रीद दाम, बिक्री दाम और कुल मात्रा डालें। F&O में मात्रा = लॉट × लॉट साइज़; ऑप्शंस में प्रीमियम डालें।
  3. ब्रोकर का ब्रोकरेज सेट करें: हर ऑर्डर पर तय रकम, या सीमा वाला %। दरें ‘चार्ज की दरें’ में बदल सकते हैं।

ज़रूरी जानकारी

27 अक्टूबर 2026 तक की दरें। STT: डिलीवरी में ख़रीद और बिक्री दोनों पर 0.1%; इंट्राडे में बिक्री पर 0.025%; फ़्यूचर्स में बिक्री पर 0.05%; ऑप्शंस में बिक्री पर प्रीमियम का 0.15% (फ़्यूचर्स और ऑप्शंस की दरें बजट 2026 में 1 अप्रैल 2026 से बढ़ीं)। NSE ट्रांज़ैक्शन चार्ज: कैश 0.00307%, फ़्यूचर्स 0.00183%, ऑप्शन प्रीमियम का 0.03553% (NSE सर्कुलर NSE/FA/73061, 27 फ़रवरी 2026)। BSE: कैश 0.00375%, फ़्यूचर्स पर शून्य, सेंसेक्स/बैंकेक्स ऑप्शन प्रीमियम पर 0.0325%।

SEBI टर्नओवर फ़ीस ₹10 प्रति करोड़ है। स्टांप ड्यूटी सिर्फ़ ख़रीद पर: डिलीवरी 0.015%, इंट्राडे और ऑप्शंस 0.003%, फ़्यूचर्स 0.002%। 18% GST ब्रोकरेज + एक्सचेंज चार्ज + SEBI फ़ीस पर लगता है, STT या स्टांप ड्यूटी पर नहीं। ब्रेकईवन पॉइंट = कुल चार्ज ÷ मात्रा: सिर्फ़ ख़र्च निकालने के लिए दाम कितना चलना चाहिए।

एक्सचेंज और सरकार ये दरें बदलते रहते हैं, इसलिए हर दर बदली जा सकती है। ब्रोकर STT को राउंड करते हैं और डिलीवरी बिक्री पर DP चार्ज (यहाँ शामिल नहीं), कॉल-एंड-ट्रेड या एक्सरसाइज़ हुए ऑप्शन पर चार्ज ले सकते हैं। यह प्लानिंग का अनुमान है, निवेश सलाह नहीं; F&O ट्रेडिंग में नुकसान का बड़ा जोखिम है।

सवाल-जवाब

अब ऑप्शंस पर STT कितना है?

1 अप्रैल 2026 से बिक्री पर प्रीमियम का 0.15% (पहले 0.1%)। ख़रीदा ऑप्शन एक्सपायरी तक रखा और एक्सरसाइज़ हुआ तो इंट्रिंसिक वैल्यू का 0.15%।

ज़ीरो ब्रोकरेज में भी चार्ज क्यों लगते हैं?

STT, एक्सचेंज चार्ज, SEBI फ़ीस, स्टांप ड्यूटी और GST सरकारी या एक्सचेंज चार्ज हैं। हर ब्रोकर इन्हें आगे वसूलता है।

“ब्रेकईवन पॉइंट” का क्या मतलब है?

सारे चार्ज निकालने के लिए दाम को आपके पक्ष में कितना चलना होगा। उससे कम चाल पर जीता हुआ ट्रेड भी नुकसान देता है।

क्या DP चार्ज शामिल हैं?

नहीं। डीमैट से शेयर बेचने (डिलीवरी) पर डिपॉज़िटरी चार्ज लगता है, आम तौर पर हर स्क्रिप पर हर दिन तय रकम, जो ब्रोकर और डिपॉज़िटरी तय करते हैं।

क्या ये मेरे कॉन्ट्रैक्ट नोट जैसे सटीक चार्ज हैं?

क़रीब हैं, पर सटीक नहीं: ब्रोकर कुछ चार्ज राउंड करते हैं और अलग फ़ीस ले सकते हैं। हमेशा कॉन्ट्रैक्ट नोट जाँचें।

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