गियर रेशियो कैलकुलेटर: आउटपुट RPM और टॉर्क
चलाने वाले और चलने वाले गियर के दाँत, और इनपुट स्पीड व टॉर्क डालें। रेशियो, आउटपुट rpm और टॉर्क मिलेगा, एक या दो गियर स्टेज के लिए।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
गियर रेशियो
3 : 1
रिडक्शन- आउटपुट स्पीड
- 480 इनपुट स्पीड
- आउटपुट टॉर्क
- 30 N·m
एक गियर जोड़ी: आउटपुट इनपुट से उल्टा घूमता है।
हल देखें
- 60 ÷ 20 = 3
- 1,440 ÷ 3 = 480 rpm
कैसे इस्तेमाल करें
- ड्राइवर (इनपुट) और ड्रिवन (आउटपुट) गियर के दाँत डालें।
- दूसरी गियर जोड़ी हो तो दो स्टेज टिक करें और उसके दाँत डालें।
- इनपुट rpm और टॉर्क डालकर आउटपुट देखें।
ज़रूरी जानकारी
गियर रेशियो = ड्रिवन के दाँत ÷ ड्राइवर के दाँत। दो स्टेज में दोनों रेशियो गुणा करें। आउटपुट स्पीड = इनपुट ÷ रेशियो; आउटपुट टॉर्क = इनपुट टॉर्क × रेशियो × एफ़िशिएंसी। 20 दाँत का गियर 60 दाँत वाले को चलाए तो 3 : 1, यानी 1,440 rpm से 480 rpm और टॉर्क तीन गुना।
1 से ज़्यादा रेशियो रिडक्शन है (धीमा, ज़्यादा टॉर्क); 1 से कम ओवरड्राइव (तेज़, कम टॉर्क)। हर स्पर गियर स्टेज में लगभग 1–3% नुक़सान; वर्म गियर में बहुत ज़्यादा, इसलिए पता हो तो एफ़िशिएंसी डालें।
यही बात चेन स्प्रॉकेट (दाँत गिनें) और बेल्ट पुली (व्यास लें; RPM कैलकुलेटर देखें) पर लागू है। भारत में इंडक्शन मोटर 50 Hz पर आम तौर पर 1,440 rpm (4-पोल) या 2,880 rpm (2-पोल) पर चलती है।
सवाल-जवाब
गियर रेशियो कैसे निकालें?
ड्रिवन गियर के दाँतों को ड्राइवर गियर के दाँतों से भाग दें।
1,440 rpm पर 3 : 1 रिडक्शन की आउटपुट स्पीड?
1,440 ÷ 3 = 480 rpm।
क्या रिडक्शन से टॉर्क बढ़ता है?
हाँ, रेशियो जितना (नुक़सान घटाकर)। 3 : 1 से 10 N·m लगभग 30 N·m।
बीच के आइडलर गियर का क्या?
दो गियर के बीच आइडलर रेशियो नहीं बदलता, सिर्फ़ दिशा।
क्या साइकिल गियर के लिए चलेगा?
हाँ: आगे के चेनरिंग के दाँत ड्राइवर, पीछे का स्प्रॉकेट ड्रिवन; 1 से कम रेशियो में पहिया पैडल से तेज़ घूमता है।