लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर: मेरी सैलरी पर कितना लोन मिलेगा?
अपनी मासिक इन-हैंड सैलरी और अभी चल रही EMI डालें। बैंकों वाले FOIR से कैलकुलेटर बताता है कि आप कितनी EMI भर सकते हैं और उस पर कितना लोन मिलेगा।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
आपको लगभग इतना लोन मिल सकता है
₹46,09,234
- आप कितनी EMI भर सकते हैं
- ₹40,000
- शब्दों में
- 46.09 लाख
- हर ₹1 लाख पर EMI
- ₹868
- कुल ब्याज
- ₹49,90,766
यह अनुमान है। बैंक क्रेडिट स्कोर, उम्र, नौकरी और प्रॉपर्टी की कीमत भी देखते हैं (होम लोन कीमत के 75%–90% तक ही मिलता है)।
कैसे इस्तेमाल करें
- मासिक इन-हैंड आय और अभी चल रही EMI डालें।
- FOIR चुनें; शुरुआत के लिए 50% आम है।
- संभावित ब्याज दर और अवधि डालकर अधिकतम लोन देखें।
ज़रूरी जानकारी
बैंक आपकी कुल EMI को आय के एक हिस्से तक सीमित रखते हैं जिसे FOIR कहते हैं, आमतौर पर इन-हैंड आय का 40%–60%, बड़ी सैलरी पर कभी ज़्यादा। इस हिस्से में से मौजूदा EMI घटाकर नई EMI बनती है; लोन वह राशि है जो यह EMI अवधि में चुका सके।
लंबी अवधि से एलिजिबिलिटी बढ़ती है क्योंकि वही EMI बड़ा लोन चुकाती है, पर कुल ब्याज भी बढ़ता है। आवेदन से पहले कोई छोटा पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड EMI बंद करने से एलिजिबिलिटी अच्छी-ख़ासी बढ़ सकती है।
होम लोन में RBI के नियम से लोन प्रॉपर्टी कीमत के हिस्से तक ही मिलता है: ₹30 लाख तक के लोन पर 90%, ₹75 लाख तक 80% और उससे ऊपर 75%। क्रेडिट स्कोर, उम्र और नौकरी भी मायने रखते हैं, इसलिए इसे अनुमान मानें।
सवाल-जवाब
FOIR क्या है?
फ़िक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो: आपकी मासिक आय का वह हिस्सा जो EMI और तय भुगतानों में जाता है। बैंक इसी से तय करते हैं कि आप कितनी EMI ले सकते हैं।
क्या को-एप्लिकेंट से एलिजिबिलिटी बढ़ती है?
हाँ। कमाने वाले जीवनसाथी या माता-पिता की आय जुड़ती है। यहाँ दोनों की आय और दोनों की EMI जोड़कर डालें।
कौन-सी आय डालूँ?
मासिक इन-हैंड (नेट) सैलरी। स्व-रोज़गार वाले हाल के ITR से औसत मासिक आय ले सकते हैं।
बैंक इससे कम लोन क्यों दे रहा है?
बैंक क्रेडिट स्कोर, लोन ख़त्म होते समय उम्र, नौकरी का प्रकार और प्रॉपर्टी की कीमत भी देखते हैं। यह टूल सिर्फ़ आय और EMI देखता है।
क्या मेरा डेटा सेव होता है?
नहीं। आपकी आय आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाती।