ग्रेच्युटी कैलकुलेटर: 15/26 फ़ॉर्मूला और ₹20 लाख टैक्स-फ़्री सीमा
आख़िरी मासिक बेसिक + DA और नौकरी के साल डालें। ग्रेच्युटी की रकम और उसका टैक्स-फ़्री हिस्सा दिखेगा।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
ग्रेच्युटी
₹3,46,154
पात्र- गिने गए साल
- 10 साल
- टैक्स-फ़्री
- ₹3,46,154
- टैक्सेबल
- ₹0
FY 2026-27 के नियम, अनुमान। यह टैक्स सलाह नहीं है: रिटर्न भरने या निवेश से पहले CA से पूछें।
6 महीने से ज़्यादा का हिस्सा पूरा साल गिना जाता है (क़ानून वाली कंपनियों में)।
हल देखें
- 15 ÷ 26 × ₹60,000 × 10 = ₹3,46,154
कैसे इस्तेमाल करें
- आख़िरी मिली मासिक बेसिक + DA डालें।
- लगातार नौकरी के साल और अतिरिक्त महीने डालें।
- चुनें कि कंपनी ग्रेच्युटी क़ानून में आती है या नहीं, और सरकारी है या प्राइवेट।
ज़रूरी जानकारी
क़ानून में आने वाली कंपनियाँ (10 या ज़्यादा कर्मचारी) हर पूरे साल के लिए 15 दिन का वेतन देती हैं: ग्रेच्युटी = 15 ÷ 26 × आख़िरी मासिक बेसिक + DA × साल। छह महीने से ज़्यादा का हिस्सा पूरा साल गिना जाता है, यानी 10 साल 7 महीने = 11 साल। कंपनी क़ानून में न हो तो आम फ़ॉर्मूला है 15 ÷ 30 × आख़िरी 10 महीनों की औसत बेसिक + DA × पूरे साल।
आम तौर पर पाँच साल लगातार नौकरी ज़रूरी है (मृत्यु या विकलांगता में नहीं)। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (21 नवंबर 2025 से लागू) में फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को एक साल बाद ग्रेच्युटी मिलती है; इसके लिए फ़िक्स्ड-टर्म विकल्प चालू करें। नए कोड में “वेतन” आम तौर पर कुल पे का कम से कम 50% होना चाहिए, जिससे ग्रेच्युटी बढ़ सकती है।
टैक्स: सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी पूरी टैक्स-फ़्री है। बाक़ी के लिए टैक्स-फ़्री रकम मिली ग्रेच्युटी, फ़ॉर्मूले की रकम और ₹20 लाख में सबसे कम है; यह पूरी नौकरी-ज़िंदगी की सीमा है। यह सीमा 27 अक्टूबर 2026 को द्वितीयक स्रोतों से जाँची गई; 2024 में ₹25 लाख की बढ़ोतरी केंद्रीय सरकारी ग्रेच्युटी नियमों पर लागू है, इस प्राइवेट छूट पर नहीं। इस पेज की CA जाँच बाक़ी है।
सवाल-जवाब
ग्रेच्युटी कैसे निकलती है?
ग्रेच्युटी = 15 × आख़िरी मासिक बेसिक + DA × नौकरी के साल ÷ 26। ₹60,000 और 10 साल पर लगभग ₹3,46,154।
क्या 4 साल 8 महीने पर ग्रेच्युटी मिलेगी?
क़ानून पाँच साल लगातार नौकरी माँगता है। कुछ अदालतों ने 4 साल 240 दिन को पाँच साल माना है, पर यह पक्का नहीं; HR या वकील से पूछें। नए कोड में फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को एक साल काफ़ी है।
कितनी ग्रेच्युटी टैक्स-फ़्री है?
प्राइवेट कर्मचारियों के लिए पूरी नौकरी-ज़िंदगी में ₹20 लाख तक। सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं।
क्या ग्रेच्युटी की कोई अधिकतम सीमा है?
क़ानून में आने वाली कंपनियों के लिए क़ानूनी सीमा भी ₹20 लाख है, पर कंपनी अपनी स्कीम से ज़्यादा दे सकती है। टैक्स-फ़्री सीमा से ऊपर की रकम सैलरी की तरह टैक्स होती है।
क्या इसमें DA और कमीशन जुड़ता है?
बेसिक + महँगाई भत्ता डालें। कमीशन सिर्फ़ क़ानून से बाहर वाली कंपनियों में गिना जाता है, जब वह टर्नओवर का तय प्रतिशत हो।