ओवरटाइम कैलकुलेटर: ओवरटाइम घंटे और दोगुने रेट पर पेमेंट
काम किए घंटे, सामान्य घंटे और अपनी सैलरी डालें। ओवरटाइम घंटे, ओवरटाइम रेट और कुल पेमेंट देखें।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
ओवरटाइम पेमेंट
₹2,000.00
- ओवरटाइम घंटे
- 8 घंटे
- ओवरटाइम रेट प्रति घंटा
- ₹250.00
- सामान्य घंटे का रेट
- ₹125.00
- इस अवधि का कुल पेमेंट
- ₹8,000.00
OSH संहिता 2020 (21 नवंबर 2025 से): दिन में 8 या हफ़्ते में 48 घंटे से ज़्यादा पर सामान्य मज़दूरी का दोगुना। कटौती से पहले का अनुमान।
कैसे इस्तेमाल करें
- काम किए घंटे और उसी अवधि के सामान्य घंटे डालें (जैसे हफ़्ते के 48)।
- घंटे का रेट डालें, या मासिक सैलरी के साथ महीने के कामकाजी दिन और रोज़ के घंटे।
- ओवरटाइम रेट चुनें: 2× (डिफ़ॉल्ट), 1.5× या 1×।
ज़रूरी जानकारी
ओवरटाइम पेमेंट = (काम किए घंटे − सामान्य घंटे) × घंटे का रेट × गुणा। मासिक सैलरी से घंटे का रेट = सैलरी ÷ (कामकाजी दिन × रोज़ के घंटे), जैसे ₹26,000 ÷ (26 × 8) = ₹125।
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता, 2020 (21 नवंबर 2025 से लागू) के अनुसार दिन में 8 घंटे या हफ़्ते में 48 घंटे से ज़्यादा काम का भुगतान सामान्य मज़दूरी के दोगुने रेट पर होना चाहिए (27 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी)। रोज़ की सही सीमा और कौन-से भत्ते "सामान्य मज़दूरी" में गिने जाएँगे, यह राज्य के नियम और आपका नियुक्ति पत्र तय करते हैं।
यह योजना के लिए अनुमान है। इसमें टैक्स, PF या ESI कटौती, नाइट शिफ़्ट भत्ता या कंपनी की अपनी ओवरटाइम पॉलिसी शामिल नहीं है। अपनी सैलरी स्लिप और HR पॉलिसी देखें।
सवाल-जवाब
भारत में ओवरटाइम कैसे गिना जाता है?
तय सीमा से ज़्यादा घंटे × सामान्य घंटे का रेट × 2। श्रम संहिताओं के दायरे में आने वाले कामगारों के लिए कम से कम दोगुना रेट ज़रूरी है।
मासिक सैलरी से घंटे का रेट कैसे निकालें?
मासिक सैलरी को महीने के कामकाजी दिनों से और फिर रोज़ के घंटों से भाग दें। ₹30,000, 26 दिन, 8 घंटे रोज़ = लगभग ₹144 प्रति घंटा।
भारत में सामान्य काम के घंटे कितने हैं?
श्रम संहिताओं में आम तौर पर दिन में 8 घंटे और हफ़्ते में 48 घंटे तक, साथ में आराम और स्प्रेड-ओवर के राज्य नियम। आपके कॉन्ट्रैक्ट में कम घंटे भी हो सकते हैं।
1.5× का विकल्प क्यों है?
कुछ कंपनियाँ और देश डेढ़ गुना रेट देते हैं। जो रेट आप पर लागू है वह चुनें; भारत में दायरे वाले कामगारों के लिए क़ानूनी न्यूनतम 2× है।
क्या इसमें टैक्स या PF शामिल है?
नहीं। यह कटौती से पहले का कुल ओवरटाइम पेमेंट है।