चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर: सालाना, तिमाही, मासिक या रोज़ाना

मूलधन, सालाना दर, समय और ब्याज कितनी बार जुड़ता है, यह डालें। कुल राशि, ब्याज और फ़ॉर्मूले के स्टेप तुरंत दिखते हैं।

ब्याज सहित राशि

₹2,15,892

ब्याज
₹1,15,892
शब्दों में
2.16 लाख
असल सालाना दर
8%
साधारण ब्याज होता
₹80,000
हल देखें
  1. A = P × (1 + r/k)^(k × t)
  2. A = 100000 × (1 + 0.08/1)^(1 × 10)
  3. A = ₹215892.50; CI = ₹115892.50
साल-दर-साल
सालउस साल का ब्याजबैलेंस
1₹8,000₹1,08,000
2₹8,640₹1,16,640
3₹9,331₹1,25,971
4₹10,078₹1,36,049
5₹10,884₹1,46,933
6₹11,755₹1,58,687
7₹12,695₹1,71,382
8₹13,711₹1,85,093
9₹14,807₹1,99,900
10₹15,992₹2,15,892

कैसे इस्तेमाल करें

  1. मूलधन और सालाना ब्याज दर डालें।
  2. समय सालों में डालें (2.5 जैसे दशमलव भी चलेंगे)।
  3. ब्याज कितनी बार जुड़ता है चुनें और राशि व स्टेप देखें।

ज़रूरी जानकारी

चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ॉर्मूला A = P × (1 + r/k)^(k × t) है, जहाँ r सालाना दर (दशमलव में), k साल में ब्याज जुड़ने की संख्या और t साल हैं। ब्याज बैलेंस में जुड़ता है, इसलिए अगली बार उस पर भी ब्याज मिलता है।

ज़्यादा बार जुड़ने से असल सालाना दर बढ़ती है: 8% तिमाही चक्रवृद्धि = 8.243% सालाना, मासिक = 8.300%। भारतीय बैंक FD में तिमाही, PPF और NSC में सालाना चक्रवृद्धि होती है।

‘साधारण ब्याज होता’ कार्ड दोनों तरीकों का अंतर दिखाता है, जो समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। स्कूल गणित के CI सवाल भी इसी तरीके से हल होते हैं, स्टेप उसी क्रम में हैं।

सवाल-जवाब

चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ॉर्मूला क्या है?

A = P(1 + r/n)^(nt) और CI = A − P, जहाँ n साल में ब्याज जुड़ने की संख्या है।

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?

साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है; चक्रवृद्धि में पिछले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।

2 साल का तिमाही CI कैसे निकालें?

k = 4 और t = 2 लें, यानी घात 8: A = P × (1 + r/4)^8।

असल सालाना दर (EAR) क्या है?

वह सालाना दर जो सालाना चक्रवृद्धि में वही नतीजा दे: (1 + r/k)^k − 1।

क्या मेरा डेटा सेव होता है?

नहीं। सारा हिसाब आपके डिवाइस पर होता है।

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