बिजली बिल कैलकुलेटर: अपने राज्य के स्लैब रेट के साथ
खपत यूनिट, दो मीटर रीडिंग या अपने उपकरण डालें। फिर बिल पर छपे अपने राज्य के स्लैब लिखें, फ़िक्स्ड चार्ज और ड्यूटी जोड़ें, और स्लैबवार हिसाब के साथ बिल देखें।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
अनुमानित बिल
₹1,202.50
- खपत यूनिट
- 250 यूनिट (kWh)
- एनर्जी चार्ज
- ₹1,050.00
- फ़िक्स्ड + फ़्यूल
- ₹100.00
- ड्यूटी
- ₹52.50
अनुमान। अपने राज्य का टैरिफ़ डालें; सब्सिडी और दूसरे चार्ज शामिल नहीं।
औसत ख़र्च: ₹4.81 प्रति यूनिट।
स्लैबवार हिसाब
| स्लैब | यूनिट | ₹/यूनिट | रक़म |
|---|---|---|---|
| 0–100 | 100 | ₹3.00 | ₹300.00 |
| 100–200 | 100 | ₹4.50 | ₹450.00 |
| 200–400 | 50 | ₹6.00 | ₹300.00 |
कैसे इस्तेमाल करें
- यूनिट, मीटर रीडिंग या उपकरण सूची चुनें और भरें।
- बिल से स्लैब लिखें (यूनिट तक, ₹ प्रति यूनिट), हर लाइन में एक।
- फ़िक्स्ड चार्ज, फ़्यूल सरचार्ज और ड्यूटी % जोड़कर बिल देखें।
ज़रूरी जानकारी
टैरिफ़ राज्य, बिजली कंपनी, कनेक्शन और साल के हिसाब से बदलता है, इसलिए डिफ़ॉल्ट स्लैब सिर्फ़ उदाहरण हैं। अपने बिल या कंपनी के टैरिफ़ ऑर्डर से स्लैब लिखें: हर लाइन में स्लैब की ऊपरी सीमा और रेट, और आख़िरी लाइन "+, रेट" बाकी सभी यूनिट के लिए।
टेलीस्कोपिक बिलिंग (ज़्यादातर राज्य) में हर स्लैब अपने रेट पर: उदाहरण स्लैब पर 250 यूनिट = 100 × ₹3 + 100 × ₹4.50 + 50 × ₹6 = ₹1,050। कुछ टैरिफ़ में पूरी खपत उसी स्लैब के रेट पर लगती है जहाँ आप पहुँचे; उनके लिए "पूरा बिल एक रेट पर" चुनें।
फ़िक्स्ड या डिमांड चार्ज हर बिल पर जुड़ता है। फ़्यूल सरचार्ज (FPPCA/FAC) प्रति यूनिट है। बिजली ड्यूटी यहाँ एनर्जी और फ़्यूल चार्ज पर प्रतिशत मानी है; कुछ राज्य प्रति यूनिट या पूरे बिल पर लेते हैं, और सब्सिडी शामिल नहीं, इसलिए असली बिल अलग हो सकता है।
सवाल-जवाब
मीटर रीडिंग से यूनिट कैसे निकालें?
यूनिट = अभी की रीडिंग − पिछली रीडिंग। एक यूनिट = एक kWh।
स्लैब रेट कहाँ मिलेंगे?
बिल के पीछे या बिजली कंपनी / राज्य विद्युत नियामक आयोग की वेबसाइट पर (टैरिफ़ ऑर्डर)।
टेलीस्कोपिक बिलिंग क्या है?
हर यूनिट-ब्लॉक अपने रेट पर लगता है, यानी सीमा से ऊपर की यूनिट पर ही ज़्यादा रेट।
मेरा बिल दो महीने का है, क्या डालूँ?
दो महीने की यूनिट और बिल पर छपे स्लैब जैसे के तैसे (दो-मासिक में अक्सर दोगुने होते हैं)।
असली बिल अलग क्यों आता है?
राज्य की सब्सिडी, न्यूनतम चार्ज, मीटर किराया, छूट और राउंडिंग शामिल नहीं। इसे अनुमान मानें।