दीर्घवृत्त कैलकुलेटर: क्षेत्रफल, परिमाप (रामानुजन) और उत्केंद्रता

दोनों अर्ध-अक्ष डालें (सबसे लंबी और सबसे छोटी चौड़ाई का आधा)। आपको क्षेत्रफल, परिमाप का करीबी अनुमान और कक्षा 11 के शंकु-परिच्छेद वाले मान मिलेंगे।

क्षेत्रफल

188.4956cm²

परिमाप
51.054 cm
उत्केंद्रता (e)
0.8
केंद्र से नाभि (c)
8 cm
नाभिलंब
7.2 cm

दीर्घवृत्त के परिमाप का कोई सटीक आसान सूत्र नहीं है। रामानुजन का सूत्र ज़्यादातर आकारों में बहुत ही मामूली अंतर के साथ सही उत्तर देता है।

हल देखें
  1. A = πab = π × 10 × 6 = 188.4956 cm²
  2. P ≈ π[3(a + b) − √((3a + b)(a + 3b))] = 51.054 cm
  3. P (Ramanujan II) ≈ π(a + b)(1 + 3h / (10 + √(4 − 3h))), h = ((a − b)/(a + b))² → 51.054 cm
  4. c = √(a² − b²) = 8 cm; e = c / a = 0.8

कैसे इस्तेमाल करें

  1. अर्ध-दीर्घ अक्ष a और अर्ध-लघु अक्ष b डालें।
  2. इकाई चुनें (ज़रूरत हो तो "और विकल्प" में π)।
  3. क्षेत्रफल, परिमाप और उत्केंद्रता देखें।

ज़रूरी जानकारी

क्षेत्रफल = πab बिल्कुल सटीक है। परिमाप का कोई आसान सटीक सूत्र नहीं है, इसलिए कैलकुलेटर रामानुजन का सूत्र P ≈ π[3(a + b) − √((3a + b)(a + 3b))] लगाता है और हल में उनका दूसरा, और भी करीबी सूत्र दिखाता है।

NCERT कक्षा 11 "शंकु परिच्छेद" से: c = √(a² − b²) केंद्र से हर नाभि की दूरी है, उत्केंद्रता e = c/a (वृत्त के लिए 0, लंबे पतले दीर्घवृत्त के लिए 1 के पास) और नाभिलंब 2b²/a है।

पूरी चौड़ाई नहीं, आधी डालें। अगर अंडाकार मेज़ 160 × 100 cm है तो a = 80 और b = 50 डालें। बड़ा मान हमेशा a माना जाता है।

सवाल-जवाब

दीर्घवृत्त का क्षेत्रफल क्या है?

πab, जहाँ a और b अर्ध-अक्ष हैं। a = 10 और b = 6 हो तो 60π ≈ 188.5।

परिमाप सिर्फ़ अनुमान क्यों है?

सटीक परिमाप के लिए दीर्घवृत्तीय समाकल चाहिए। रामानुजन का सूत्र असल काम और परीक्षा के लिए काफ़ी सही है।

उत्केंद्रता क्या है?

दीर्घवृत्त कितना खिंचा है, इसका माप: e = √(1 − b²/a²)। वृत्त की e = 0।

क्या वृत्त भी दीर्घवृत्त है?

हाँ, जिसमें a = b हो। तब कैलकुलेटर πr² और 2πr ही देता है।

क्या मेरी डाली गई जानकारी सेव होती है?

नहीं। हिसाब आपके ब्राउज़र में ही होता है, कुछ भी सर्वर पर नहीं जाता।

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