फ़्यूचर्स प्रॉफ़िट कैलकुलेटर: निफ़्टी और स्टॉक फ़्यूचर्स का P&L
लॉन्ग या शॉर्ट चुनें, एंट्री और एग्ज़िट दाम, लॉट साइज़ और लॉट डालें। कमाए पॉइंट, ग्रॉस P&L, चार्ज और नेट नतीजा दिखेगा।
- आपकी भरी जानकारी कहीं सेव नहीं होती
- मुफ़्त
- साइन-अप की ज़रूरत नहीं
नेट मुनाफ़ा / नुकसान
₹8,778.69
मुनाफ़ा- पॉइंट
- 150
- ग्रॉस P&L
- ₹9,750.00
- चार्ज
- ₹971.31
- कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू
- ₹16,25,000
सीखने और प्लान करने के लिए अनुमान, निवेश सलाह नहीं। शेयर और F&O ट्रेडिंग में नुकसान का जोखिम है।
मात्रा 65। चार्ज 27 अक्टूबर 2026 की NSE फ़्यूचर्स दरों से (बिक्री पर STT 0.05%)।
कैसे इस्तेमाल करें
- लॉन्ग (पहले ख़रीदें) या शॉर्ट (पहले बेचें) चुनें।
- एंट्री और एग्ज़िट दाम, लॉट साइज़ और लॉट की संख्या डालें।
- ‘और विकल्प’ में मार्जिन डालकर मार्जिन पर रिटर्न देखें, या चार्ज बंद करें।
ज़रूरी जानकारी
लॉन्ग ट्रेड में P&L = (एग्ज़िट − एंट्री) × लॉट साइज़ × लॉट, शॉर्ट में (एंट्री − एग्ज़िट) × लॉट साइज़ × लॉट। 65 के एक लॉट पर 150 पॉइंट = चार्ज से पहले ₹9,750।
चार्ज 27 अक्टूबर 2026 की NSE फ़्यूचर्स दरों से: बिक्री पर 0.05% STT (बजट 2026 में 1 अप्रैल 2026 से 0.02% से बढ़ा), एक्सचेंज चार्ज 0.00183%, SEBI फ़ीस ₹10 प्रति करोड़, ख़रीद पर 0.002% स्टांप ड्यूटी और 18% GST, साथ में आपका डाला हर ऑर्डर का ब्रोकरेज। हर दर बदलने के लिए ब्रोकरेज कैलकुलेटर देखें।
फ़्यूचर्स में लीवरेज होता है: मार्जिन कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का छोटा हिस्सा है, इसलिए छोटी चाल भी आपके पैसे का बड़ा % होती है, दोनों तरफ़। लॉट साइज़ बदलते हैं; NSE पर जाँचें। यह प्लानिंग का अनुमान है, निवेश सलाह नहीं।
सवाल-जवाब
फ़्यूचर्स का मुनाफ़ा कैसे निकलता है?
कमाए पॉइंट को लॉट साइज़ और लॉट की संख्या से गुणा करें। नेट के लिए चार्ज घटाएँ।
अब फ़्यूचर्स पर STT कितना है?
1 अप्रैल 2026 से बिक्री वैल्यू का 0.05%।
मार्जिन पर रिटर्न क्या है?
नेट P&L ÷ ब्लॉक हुआ मार्जिन। इससे लीवरेज का असर दिखता है।
क्या शॉर्ट ट्रेड चलेगा?
हाँ। शॉर्ट चुनें: एग्ज़िट दाम एंट्री से कम हो तो मुनाफ़ा।
क्या ओवरनाइट चार्ज शामिल हैं?
नहीं। मार्क-टू-मार्केट सेटलमेंट, मार्जिन फ़ंडिंग का ब्याज और DP चार्ज शामिल नहीं।